मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान’ अंतर्गत तीन वर्षीय बालिका लवली को मिली कुपोषण से मुक्ति

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जगदलपुर : ‘मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान’ अंतर्गत तीन वर्षीय बालिका लवली को मिली कुपोषण से मुक्ति

 

बस्तर जिले के विकासखण्ड बकावंड के आदिवासी बाहुल्य ग्राम मंसगांव विकासखण्ड मुख्यालय से 12 किमी की दूरी पर स्थित है। ग्राम में अशिक्षा, नशा, बच्चों एवं महिलाओं में कुपोषण एक गंभीर समस्या रही है। राज्य शासन द्वारा बच्चों एवं महिलाओं में कुपोषण को दूर करने एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु मंसगांव में वर्ष 1997 से आंगनबाड़ी केन्द्र का संचालन प्रारंभ किया। इसी दिशा में एक कदम बढ़ाते हुये राज्य शासन की महती योजना मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान का संचालन 02 अक्टूबर 2019 से सेक्टर सरगीपाल में लागू किया गया। परियोजना अधिकारी और सेक्टर सुपरवाईजर के मार्गदर्शन में आंगनबाड़ी केन्द्र मंसगांव की कार्यकर्ता श्रीमती फूलमती बघेल द्वारा केन्द्र के समस्त कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर ’’मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान” का लाभ दिया जा रहा है। आंगनबाड़ी केन्द्र मंसगांव के 01 से 3 वर्ष के कुपोषित बच्चों में लछमनी कश्यप की सबसे छोटी बेटी कु. लवली भी है। बालिका लवली की माता मंसगांव के प्राथमिक शाला में रसोईया का काम करती है बालिका की पिता उनके जन्म 27 जुलाई 2018 के सात माह के भीतर स्वर्गवास होने के कारण बच्चों की समस्त देखभाल उनकी माता के कंधों पर आ गई। माता की रसोईया के काम करने के कारण लवली की पोषण में कमी आई और वह 11 माह के उम्र से ही कुपोषण का शिकार हो गई।
ऐसे में कार्यकर्ता द्वारा लवली को निरंतर केन्द्र में लाकर पोषण आहार दिया गया। लवली को नियमित रूप से पोषण पुर्नवास केन्द्र बकावंड ले जाकर तथा नियमित रूप से चिकित्सीय परामर्श के माध्यम द्वारा उपचार किया गया। समय पर कृमिनाशक औषधि दिया गया। साथ ही नियमित रूप से बालिका की माता को परामर्श देते हुये रेडी-टू-ईट फूड कार्यकर्ता श्रीमती बघेल ने अपने मार्गदर्शन में खिलाया गया। ’’मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान’’ के प्रारंभ होने से लवली को केन्द्र में सप्ताह के अलग-अलग दिनों में गरम भोजन के साथ अण्डा, गुड, मूंगफल्ली, लड्डु और खिचड़ी, पुलाव रोटी, अंकुरित चना एवं स्थानीय उपलब्ध हरी पोषक सब्जी दिया जा रहा है। साथ ही स्वच्छता की ओर विशेष ध्यान दिया गया और कार्यकर्ता तथा सेक्टर सुपरवाइजर द्वारा ग्राम पंचायत के सरपंच श्रीमती जयमनी कश्यप साथ निरंतर प्रयास के फलस्वरूप बालिका के वजन में वृद्धि दर्ज की गई। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के प्रारंभ होने से कुपोषण के शिकार बालक-बालिका को आशातीत सफलता प्राप्त हो रही है।
’’मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान’’ कुपोषण दूर करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है। कुपोषित बच्चों में वजन में अतिशीघ्र वृद्धि देखी जा रही है। बालिका की माता भी बच्चों की स्वास्थ्य लाभ देखकर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के साथ-साथ महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी विशेषकर कार्यकर्ता श्रीमती फूलमती बघेल को साधुवाद प्रेषित की गई है। बालिका की माता स्वप्रेरणा लेकर ग्राम के अन्य बच्चों एवं उनकी पालकों को भी प्रोत्साहित कर रही है।

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