फर्जी मस्टर रोल भरने और मनरेगा कार्य मे अनियमितता को जांच में सही पाए जाने के बाद जिला पंचायत कार्यालय ने रोजगार सहायक को किया बर्खास्त

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फर्जी मस्टर रोल भरने और मनरेगा कार्य मे अनियमितता को जांच में सही पाए जाने के बाद जिला पंचायत कार्यालय ने रोजगार सहायक को किया बर्खास्त 

रिपोर्टर- गोविंद सिंगरौल

तख़तपुर के जुनापारा में फर्जी मस्टर रोल भरने और मनरेगा कार्य मे अनियमितता को जांच में सही पाए जाने के बाद जिला पंचायत कार्यालय ने रोजगार सहायक को बर्खास्त कर दिया है।वही सचिव को निलंबित करने और सरपंच के विरुद्ध पद से पृथक करने की कार्यवाही करने के आदेश दिए गए है।यह पहला मौका है जब किसी पंचायत के महत्वपूर्ण पद में बैठे तीन व्यक्तियों पर कार्यवाही के आदेश एक साथ जारी किए गए हों।

जिला पंचायत कार्यालय ने अलग अलग आदेश और अनुशंसा जारी कर तख़तपुर जनपद के ग्राम पंचायत जूनापारा में मनरेगा के कार्य मे मस्टररोल में फर्जी नाम डालने,मनरेगा मजदूरों से अन्य कार्य लेने जैसे आरोप जांच के बाद सिद्ध हो जाने पर बड़ी कार्यवाही के निर्देश जारी किए है। इसमे तखतपुर जनपद पंचायत सीईओ जुनापारा के रोजगार सहायक को तत्काल बर्खास्त करने को कहा गया है।सचिव के।लिए उपसंचालक पंचायत को निलंबन की अनुशंसा की गई है ।वही अनुविभागीय अधिकारी से जुनापारा सरपंच को पद से पृथक करने की कार्यवाही करने का आदेश जारी किया गया है।


ज्ञातव्य है कि कोरोना काल मे जब लॉक डाउन लगा हुआ था और मजदूर बाहर से आकर क्वारंटाइन सेंटरों में रुके हुए थे उस समय जुनापारा ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्य कराए गए थे ।इस कार्य मे अनियमितता को लेकर युवा कांग्रेस नेता रामेश्वरपुरी गोस्वामी ने आरटीआई के तहत जानकारी निकलवाकर जनपद पंचायत में शिकायत की थी।अपनी शिकायत में रामेश्वरपूरी गोस्वामी ने बताया था कि मनरेगा के कार्य के लिए बनाये गए मस्टररोल में ऐसे व्यक्तियों के नाम अंकित किये गए हैं, जो क्वारंटाइन सेंटरों में है,बिलासपुर के संजीवनी हॉस्पिटल में कार्यरत कर्मचारी है,जो कभी मनरेगा के काम करने आये ही नही है।इस तरह फर्जी मस्टररोल भरकर शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया है।

शिकायत के बाद बाद जांच टीम का गठन कर जांच कराया गया था।जांच टीम ने पाया था कि शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप सही है और इसमे जुनापारा सरपंच श्रीमती गीता मोती लाल चतुर्वेदी , सचिव अयोध्या प्रसाद तिवारी, और रोजगार सहायक ओमप्रकाश जायसवाल की सक्रीय संलिप्तता है।जांच प्रतिवेदन के बाद जनपद कार्यालय से अनुशंसा जिला कार्यालय भेजी गई थी,जिसके आधार पर कार्यवाही करते हुए जिला पंचायत ने रोजगार सहायक ओमप्रकाश जायसवाल को बर्खास्त करने,सचिव को निलंबित करने और सरपंच के विरुद्ध पंचायत अधिनियम की धारा 39 व 40 के तहत कार्यवाही करने के आदेश जारी कर दिए।जिला पंचायत के आदेश पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने रोजगार सहायक को बर्खास्त कर दिया है।

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