मितानिनों की समस्याओं की सुध लेने नही पहुँचे।स्वास्थ्य विभाग के अफसर

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मितानिनों की समस्याओं की सुध लेने नही पहुँचे।स्वास्थ्य विभाग के अफसर

रिपोर्टर- गोविंद सिंगरौल 

स्वास्थ्य विभाग के अफसर अपने जबान और ड्यूटी के कितने पाबंद है ।यह आज पता चल गया जब एक भी अफसर मितानिनों की समस्याओं की सुध लेने नही पहुँचे।मितानिनों वे प्रशिक्षण स्थल पर प्रसाधन नही होने का मुद्दा जब अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया तो सभी ने जांच करने और प्रशिक्षण केंद्र का दौरा करने की बात कही थी।लेकिन तीन तीन अधिकारियों में से कोई भी प्रशिक्षण स्थल नही पहुंचे।

मितानिनों के प्रशिक्षण स्थल के नित्य क्रिया के लिए संसाधन खाने पीने की व्यवस्था ठीक नही होने की खबर दिए जाने पर अपनी गाल बजाने वाले और दूसरे दिन ही जाकर समस्याओ को दूर करने बात कहने वाले स्वास्थ्य विभाग के तीन तीन अफसरों में से कोई भी प्रशिक्षण स्थल नही पहुंचे और मितानिनों की समस्याएं जस की तस बनी हुई है।ज्ञातव्य है कि कल पत्रकारों के सामने मितानिनों ने अपने प्रशिक्षण सथल की समस्याओं के बारे में बताया था ।उनकी बताई समस्याओं में सबसे बड़ी समस्या नित्य क्रिया के लिए प्रसाधन की व्यवस्था नही होना और उसके कारण शौच के लिए बाहर मैदान में जाने लिए मजबूर होने की थी।साथ ही खाने की गुणवत्ता और पूर्ति नही होने , सोने के लिए गद्दे नही होने खाने पीने की जगह नही होने पीने के लिए पानी की उचित व्यवस्था नही होने और मानदेय पूरा नही मिलने की बात बताई थी।


मितानिनो की समस्याओं के बारे में जब विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ निखिलेश गुप्ता से बात की गई तो पहले तो उन्होंने जवाबदारी से लेने इनकार करते हुए सारी जवाबदारी जिला समन्वयक को होने की बात बताते हुए खुद भी प्रशिक्षण स्थल जाकर समस्या का समाधान करने की बात कही थी ।वही जब इस विषय मे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी प्रमोद महाजन से जवाब मांगा गया तो उन्होंने भी बीएमओ को भेज कर जांच कराने और रिपोर्ट तलब करने की बात कही थी ।इसी तरह जिला समन्वयक ने भी कहा था कि मैं कल फिर से जाकर सारी व्यवस्था लो देखूंगा ।लेकिन आज इन तीनो अफसरों में से कोई भी मितानिनों की समस्याओं को जानने के लिए नही पहुँचा और मितानिनों की समस्या का समाधान नही हो सका।इसके चलते मितानिन प्रशिक्षण के चौथे दिन भी बाहर में शौच जाने के लिए विवश रहेंगी।

जब प्रशिक्षण केंद्र जाकर मितानिनों की समस्याओं को दूर नही करने के विषय मे जानने के लिए विकासखंड चिकित्सा अधिकारी निखिलेश गुप्ता को फ़ोन लगाया गया मगर उनके पास शायद कोई जवाब नही होने के कारण फ़ोन उठाना मुनासिब नही समझा।

वही मुख्यचिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी डॉ प्रमोद महाजन ने बताया कि बीएमओ को जांच करने जानेका निर्देश दिया था ।उनके द्वारा प्रशिक्षण स्थल का दौरा क्यो नही किया गया इसकी जानकारी लेकर ही बता पाऊँगा।

जिला समन्वयक उमेश पांडेय ने आज फ़ोन ही नही उठाया।

क्षेत्र के 470 मितानिनों को तीन प्रशिक्षण केंद्रों में 25वें चरण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है ।लेकिन ग्राम पंचायत पूरा के पूर्व माध्यमिक शाला के प्रशिक्षण केंद्र में भी 100 मितानिनें प्रशिक्षण ले रही है।यह प्रशिक्षण एक सप्ताह तक चलना है ।प्रशिक्षण स्थल पर मितानिनों के लिए प्रसाधन की ही व्यवस्था नही है।इसके कारण वे शुअच के लिए बाहर जाने के लिए मजबूर है।साथ ही खाने पीने की और अन्य समस्याएं भी है।जिन्हें दूर करने की जवाबदारी बीएमओ,जिला समन्वयक और सीएमएचओ की है लेकिन तीनो से जब समस्या के विषय मे बताया गया तो खुद जाकर देखने की बात कही थी मगर वे प्रशिक्षण स्थल पर गए ही नही।

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