“डॉ.भीमराव अम्बेडकर का 72 वर्ष पूर्व दिया भाषण कितना सत्य -बाजपेयी”

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“डॉ.भीमराव अम्बेडकर का 72 वर्ष पूर्व दिया भाषण कितना सत्य -बाजपेयी”

राज गोस्वामी – 


बिलासपुर ।संविधान निर्माता भारत रत्न डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर जी की 130 वी जयन्ती पर अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुये कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय सचिव,पूर्व विधायक चन्द्र प्रकाश बाजपेयी ने बतलाया कि अपने कार्यकाल समाप्ति के एक दिन पूर्व 1949 को अपने ओपचारिक भाषण में दिया था आज के राजनैतिक परिदृश्य में कितना सटीक बैठता है । डॉ भीमराव अम्बेडकर ने कहा था “संविधान चाहे जितना अच्छा हो वह बुरा साबित हो सकता है यदि उसका अनुसरण करने वाले लोग बुरे हों”
एक संविधान चाहे जितना बुरा हो वह अच्छा साबित हो सकता है यदि उसका पालन करने वाले लोग अच्छे हों । श्री बाजपेयी ने बतलाया कि भारतीय संविधान की प्रारूप निर्माण समिति के अध्यक्ष डॉ भीमराव अम्बेडकर ने यह उद्दबोधन अपना कार्य समाप्त करने से एक दिन पहले नवम्बर 1949 को दिया था ।
उन्होंने कहा था संविधान केवल राज्य के अंगो जैसे विधायिका,कार्यपालिका और न्यायपालिका का प्रावधान कर सकता है । राज्य के इन अंगो का प्रचालन जिन तत्वों पर निर्भर है, वे हैं जनता और उनकी आकांक्षाओं तथा राजनीति को संतुष्ट करने के उपकरण के रूप में उनके द्वारा गठित राजनीतिक दल ।


श्री बाजपेयी ने बतलाया कि डॉक्टर अम्बेडकर ने कहा था यह कौन कह सकता है कि भारत की जनता और उनके दल किस तरह का आचरण करेंगे ? अपने उद्देश्यों की पूर्तिके लिये क्या वे संवैधानिक तरीक़े इस्तेमाल करेंगे या उनके लिये क्रांति कारी तरीक़े अपनायेंगे? यदि वे क्रांतिकारी तरीक़े अपनाते है तो संविधान चाहे कितना अच्छा हो यह बात कहने के लिये किसी ज्योतिषी की आवश्यकता नहीं कि वह असफल रहेगा । इसलिये जनता और उनके राजनीतिक दलों की संभावित भूमिका को ध्यान में रखे बिना संविधान पर कोई राय व्यक्त करना उपयोगी नहीं है ।

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