किसानों को चार क़िस्त में देने वाली राशि को बिना रकम काटे एक मुश्त दिया जाए-रामकुमार गंधर्व

Buero Report

किसानों को चार क़िस्त में देने वाली राशि को बिना रकम काटे एक मुश्त दिया जाए-रामकुमार गंधर्व

मनरेगा श्रमिकों को बकाया राशि के साथ वर्तमान राशि का भुगतान एक मुश्त किया जाए-रामकुमार गंधर्व

मुंगेली – आम आदमी पार्टी विधानसभा मुंगेली के पूर्व प्रत्याशी व जिलाध्यक्ष रामकुमार गंधर्व ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत चार क़िस्त में देने वाली राशि को बिना रकम काटे एक मुश्त दिया जाए,
फसल की रकम को चार किस्तो में भुगतान जो किया जा रहा है जबकि चुनावी घोषणा पत्र में इस बात का उल्लेख नही किया गया था की समर्थन मूल्य की राशि को सरकार इस तरह से किस्तो में भुगतान करेगी प्रदेश के किसानों के साथ यह एक तरह का छल किया गया है, आज वैश्विक महामारी के दौर में ग्रामीण अर्थव्यवस्था बिल्कुल चरमरा सी गयी है, लोगो की रोजमर्रा की जरूरत के हिसाब से उनके पास पैसे नही है, वे इस दौर में दर दर भटक रहे है, जिले में बैंक कर्मियो से मुलाकात करने पर जानकारी दिया गया कि 15 अप्रेल तक जिला कलेक्टर के आदेशानुसार कोई लेन देन नही किया जा रहा है , जो प्रशासन की गम्भीरता को दर्शाता है,आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि किसानों के फसल की राशि का भुगतान एक मुश्त करें व रवि फसल लेने वाले किसानों के ऊपर प्राकृतिक आपदा के रूप में ओला बारिश से जो नुकसान किसानों को हुआ है उसका आपदा प्रबंधन के रूप में सरकार मुआवजा राशि भुगतान करें ताकि ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को बल मिले एवं इस विकट स्थिति में बैंकों का लेनदेन जारी करे जिससे आम जनता को राहत मिल सके।

आप जिलाध्यक्ष श्री गंधर्व ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) श्रमिकों को 1 अप्रैल 2021 से प्रतिदिन 193 रूपए मजदूरी देना तय हुआ है। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा मनरेगा के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए राज्यवार प्रतिदिन मजदूरी की दर का राजपत्र में प्रकाशन कर दिया गया है। मनरेगा के तहत काम करने वाले अकुशल हस्त कर्मकारों हेतु छत्तीसगढ़ के लिए 193 रूपए प्रतिदिन की मजदूरी तय की गई है। यह नई दर 1 अप्रैल 2021 से प्रभावी हो चुकी है। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 190 रूपए मजदूरी दर निर्धारित थी। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए इसमें तीन रूपए की बढ़ोतरी की गई है।लेकिन छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अभी तक मनरेगा मजदूरों को नियमित रूप से मजदूरी का भुगतान नहीं हो रहा है, और वे इसे पाने के लिए पंचायत अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। अधिकारी सिर्फ आश्वासन देकर उन्हें चलता कर रहे हैं, लेकिन सबसे दुख की बात यह है कि इन मजदूरों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे ऐसे में अपनी दैनिक जरूरतों के खर्चे पूरे कर सकें।

आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष श्री गंधर्व ने मांग की है किसानों के फसल व मनरेगा में कार्य किये हुए श्रमिकों को बकाया राशि के साथ वर्तमान राशि का भुगतान एक मुश्त किया जाए।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें 

Please Share This News By Pressing Whatsapp Button 

error: Content is protected !!
Buero Report
लोकल खबरें