भगवान परशुराम से कोरोना मुक्ति की कामना। प्रगट उत्सव पर घरों में हुआ पूजा अनुष्ठान ,संध्या मंत्रोचारण दीपउत्सव

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भगवान परशुराम से कोरोना मुक्ति की कामना। प्रगट उत्सव पर घरों में हुआ पूजा अनुष्ठान ,संध्या मंत्रोचारण दीपउत्सव

राज गोस्वामी- 
बिलासपुर । भगवान परशुराम प्रकतोत्सव समग्र ब्राह्मण समाज,परशुसेना व उनके आव्हान पर सनातन धर्म के अनुयायियों ने भगवान परशुराम का जन्मोत्सव भक्ति मय वातावरण के साथ मनाया आज सुबह से ही ध्वज अर्पित करने के बाद विधि विधान से भगवान श्री हरि के छठवें अवतार भगवान परशुराम की पूजा,अर्चना,अभिषेक,शृंगार व यज्ञ हवन करके की गई ।

उक्त जानकारी देते हुये परशुसेना के संरक्षक पूर्व विधायक चन्द्र प्रकाश बाजपेयी राष्ट्रीय महामंत्री सर्व ब्राह्मण महासभा ने बतलाया कि कोविड 19 के नियमो का पालन करते हुये निवास विकाश नगर 27 खोली में भगवान परशुराम जी का ध्वजारोहण पूजन हवन भोग प्रसाद उपरांत परिवार जनो ने शाम चार बजे कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप से देश व जगत की रक्षा हेतु भगवान परशुराम चालीसा,शिव चालीसा,हनुमान चालीसा व मानस सुन्दर काण्ड का पाठ किया गया एवं संध्या आरती उपरांत मंत्रोचारण करते हुये 11 दीपक जलाकर इस विश्व व्याप्त कोरोना महाबिमारी से मुक्ति दिलाने भगवान से प्रार्थना की गई । साथ ही इस काल में दिवंगत जनो के लिये श्रद्धांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन धारण किया गया ।


चन्द्र प्रकाश बाजपेयी ने बतलाया कि परशुराम का शाब्दिक अर्थ फरसा लिये हुये राम है वे शिवभक्त थे शिव ने ही उन्हें फरसा प्रदान किया था । भगवान शिव ने ही युद्ध कौशल सिखाया था । फरसा रखने के कारण वे परशुराम कहलाये वे ऋषि जमदग़्नि व माता रेणुका देवी के पुत्र थे और असत्य के घोर विरोधी थे । वे राष्ट्र रक्षा और लोक कल्याण हेतु सहस्त्रार्जुन का संहार,बलि प्रथा पर रोक,दलितों की रक्षा,वसुधैव कुटुम्बकं सामाजिक क्रांति के प्रणेता अन्याय हंता शस्त्र और शास्त्र के समन्वय थे इस कारण वे विप्रजनो के आराध्य भी है ।

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