आंगनबाड़ी कर्मियों की 7 सूत्रीय मांगों को लेकर बलरामपुर जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया

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आंगनबाड़ी कर्मियों की 7 सूत्रीय मांगों को लेकर बलरामपुर जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया

कृष्णानाथ टोप्पो (संभागीय ब्यूरो सरगुजा )

बलरामपुर । आंगनबाड़ी कर्मियों की 7 सूत्रीय मांगों को लेकर बलरामपुर जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया आज सुबह से ही खराब मौसम के बावजूद आंगनबाड़ी कर्मियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला आंगनबाड़ी कर्मीयो को शासकीय कर्मचारी घोषित करने एवं जब तक शासकीय कर्मचारी न हो आंगनबाड़ी कर्मियों को न्यूनतम वेतन 18000/-एवं सहायिका को 9000/- प्रतिमाह लागू करें सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने सहित अन्य बिंदुओं पर सरकार का ध्यान आकर्षण करने हेतु राष्ट्रव्यापी एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया और

प्रधानमंत्री मंत्री के नाम जिलाधीश के द्वारा ज्ञापन सौंपा गया । भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के द्वारा पूरे देश में वर्ष 1975 से आंगनबाड़ी केंद्रों के समेकित महिला एवं बाल विकास योजनाओं का संचालन हो रहा है जिसमें 2500000 से भी ज्यादा की संख्या में आंगनबाड़ी कर्मी कार्यरत है तथा इस योजना को सफलीभूत कर रहे हैं जिसके अंतर्गत 0 माह से 6 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों के पोषण माह प्रारंभिक स्वास्थ्य की देखभाल पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराने शिशु स्तनपान, गर्भवती माताओं को, 0 माह से 6 वर्ष के बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए जरूरी पोषण आहार विटामिन ,प्रोटीन उपलब्ध कराने का कार्य ,बाल संदर्भ सेवाओं का कार्य केंद्र सरकार की इस स्कीम के तहत आंगनबाड़ी कर्मियों के द्वारा किया जा रहा है

इसके अलावा राज्य शासन के द्वारा बीएलओ ,आर्थिक जनगणना जनगणना, पल्स पोलियो, फाइलेरिया, राशन कार्ड ओडीएफ,कोविड-19 सर्वे डोर टू डोर, वैक्सीनेशन के प्रचार प्रसार आदि का कार्य आंगनबाड़ी कर्मियों से संपन्न कराया जाता है 8 घंटे से भी अधिक का कार्य आंगनबाड़ी कर्मियों को करना पड़ता है इस प्रकार आंगनबाड़ी कर्मियों को सभी प्रकार के शासकीय कार्य करने के बाद भी आज तक शासकीय कर्मचारी घोषित नहीं किया गया है ना ही अब तक न्यूनतम वेतन का भुगतान किया जा रहा है केवल अल्प मानदेय का भुगतान ही आंगनबाड़ी कर्मियों को प्राप्त हो रहा है एवं न ही किसी प्रकार से सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जा रही ।आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षण करवाने हेतु एक दिवसीय धरना, प्रदर्शन किया गया।

इन सात मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कर्मियों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया

(1) आंगनबाड़ी कर्मियों को शासकीय कर्मचारी घोषित कर सामाजिक सुरक्षा देकर उन्हें उचित श्रेणी में शामिल किया जाए।

(2) आंगनबाड़ी कर्मियों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन 18000 /- सहायिका को 9000 /- प्रतिमाह भुगतान किया जाए।

(3) नई शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों को प्रिया प्राइमरी स्कूल में बदलने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रिया प्राइमरी टीचर व सहायिका को प्रिया प्राइमरी असिस्टेंट टीचर में शिक्षण के अनुभव पर उनकी शैक्षणिक योग्यता को देखते हुए प्रशिक्षण देकर पदोन्नति की जाए ।

(4) आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यरत कर्मियों को भविष्य निधि जीवन निर्वाह भत्ता सेवानिवृत्त भत्ता उनके एवं उन पर आश्रितों को चिकित्सा सुविधा उनके बच्चों के लिए शिक्षा की सुविधा लागू की जाए ।

(5) मिनी आंगनबाड़ीयो को मेन आंगनबाड़ी में बदला जाए। व सहायिका नियुक्त किया जाए

(6) आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को सहायिका की 9 माह की एरियर्स राशि का भुगतान जल्द आंगनबाड़ी कर्मियों के खाते में किया जाए

(7) पोषण ट्रैकर में कार्य करने हेतु एंड्रॉयड फोन सिम सिम इंटरनेट खर्च की निर्धारित राशि का भुगतान किया जाए।

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